​#क्यों इस्लाम ने औरतों को ही पर्दे में रहने का हुक्म दिया ?(کیوں اسلام نے عورتوں کو ہی پردے میں رہنے کا حکم دیا؟ )

आजकल ये सवाल आम सा हो चूका है,
वेसे तो पर्दा दुनिया के हर धर्म में हे ,लेकिन कुछ मॉडर्न , नास्तिक और खुद को आज़ाद कहलाने वाले अधर्मियों के लिये हर बात को मान ने के लिए साइंस की दलील ही सबसे बड़ी होती है

अज्ञानी लोग बिना इस्लाम को पढ़े और समझें इस्लाम पर इस तरह के बेहूदा इल्जाम लगाने से नहीं चूकते। हालांकि इससे इस्लाम को कोई फर्क नहीं पड़ता क्योंकि इस्लाम का प्रत्येक कानून प्रत्येक कसौटी (criterion) पर खरा उतरता हैं 

फिर भी इन बेतुके सवालों के जवाब देने जरूरी हैं ताकि सच्चाई सबके सामने आ सकें।

पहली बात तो ये समझ ले की इस्लाम में पर्दे का हुक्म सिर्फ औरतों के लिए ही नहीं बल्कि मर्दों के लिए भी हैं।

जैसा कि कुरान ए पाक में लिखा है कुरान की इस आयत के जरिये अल्लाह (ईश्वर) मुसलमान मर्दों को यह हुक्म दे रहा है कि

“वे अपनी नजरें नीची रखे और अपनी शर्मगाहो (शरीर के खास अंगों) की हिफाजत करें क्योंकि इसी में उनकी भलाई हैं।”

यहाँ नजरें नीची रखने का ताल्लुक (सम्बन्ध) पर्दे से ही हैं पर कुछ लोगों के मन में यह सवाल उठ सकता हैं कि नजरें नीची रखने से पर्दा कैसे हुआ?

तो आइये इस सवाल का जवाब हम #विज्ञान_से_ही_पूछ_लेते_हैं क्योंकि हो सकता हैं कि इस्लाम के तर्क (logics) को कुछ लोग कुबुल ना करे …

अमेरिका की एक मशहूर Anthropologist (मानव विज्ञानी) जिसका नाम #Helen_Fisher हैं पिछले 30 सालों से Rutger University, America में Anthropology (मानव विज्ञान) की professor हैं और Human Behaviour (मानव व्यवहार) पर रिसर्च कर रही हैं और इसी विषय पर कई किताबें भी लिख चुकी हैं। उसने अपने रिसर्च से बताया कि इन्सान के शरीर में कुछ हार्मोन (hormones) होते हैं जैसे #Testosterone और #Estrogens और दिमाग में कुछ neurotransmitters (रसायन) होते हैं जैसे Dopamine और Serotonin और ये कुदरती तौर से ही #औरतों_की_तुलना_में_मर्दों_में_ज्यादा_मात्रा में पाए जाते हैं जो किसी भी व्यक्ति के व्यवहार को प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित करते हैं। और वह कहती हैं कि

#जब_भी_किसी_मर्द_की_नजर_किसी_औरत_पर_पड़ती_हैं तो ये हार्मोन और रसायन active (सक्रिय) हो जाते हैं और फिर मर्द उस औरत को देखकर उत्तेजित हो जाता हैं। 

और ऐसा तब होता हैं जब या तो औरत बहुत खूबसूरत (Charming) हो या उसका जिस्म की बनावट दिखाई देती हो। 

और 

ऐसा सिर्फ इन्सानो में ही नहीं बल्कि पक्षियों और जानवरों में भी होता हैं। आपने सुना भी होगा और देखा भी होगा कि जब कोई #हाथी_पागल हो जाता है तो वह तबाही मचाने लग जाता हैं। 

लेकिन विज्ञान कहता है कि वह हाथी पागल नहीं होता है वह तो ऐसा इसलिए करता है क्योंकि उसमें Testosterone की मात्रा बहुत बढ़ जाती हैं।

इसी तरह एक शेर दूसरे शेरों के बच्चों को मार देता है ताकि शेरनी उसकी तरफ (Mating) के लिए आकर्षित हो जाए। 

और सभी प्रकार के #नर_जानवर ही मादा को पाने के लिए एक दूसरे से प्रतिस्पर्धा करते हैं।

John Hopkins University के वैज्ञानिकों ने पक्षियों के व्यवहार पर रिसर्च किया और मालूम किया कि नर पक्षी गाना गाते हैं मतलब अलग अलग तरह की आवाजें निकालते हैं ताकि वे मादा पक्षियों को आकर्षित कर सकें। तो विज्ञान के मुताबिक औरतों (मादाओं) के जिस्म और खूबसूरती को देखकर मर्द (नर) उत्तेजित हो जाते हैं। 

और इंसान से लगाकर सभी जनवरो तक में ये सब नेचुरल हे, यानि ये सब विज्ञान से साबित हे

इंसानी समाज में अगर मर्दों को औरतों की तरफ आकर्षित होने से रोकना है तो औरतें अपनी खूबसूरती व जिस्म को पर्दे में रखें और मर्द भी औरतों को न घुरे यानि नजरे नीची रखे।

तो कुरान में अल्लाह (ईश्वर) ने हमें यही तो हुक्म दिया हैं कि मुसलमान औरतें अपने आप को पर्दे में रखे और मुसलमान मर्द अपनी नजरें नीची रखे मतलब औरत को न घुरे। 

तो यह साबित हो गया कि इस्लाम ने सिर्फ औरतों को ही नहीं बल्कि मर्दों को भी पर्दा करने का हुक्म दिया हैं और इसी में इन्सानो की भलाई हैं।

खुद क़ुदरत की इतनी खुली निशानियों के बावजूद भी अगर कोई खुद की ओरतो को आज़ाद ,मॉडर्न या नास्तिक के नाम पर नँगा रखना पसंद करता हो ,तो ये उसका ठरकपन हे,न की आज़ादी।

पर्दे पर ऊँगली उठाने वाला शक्श भी जवाब जरूर दे,

क्या वो अपनी माँ , अपनी बहन और अपनी बीवी को आज़ादी के नाम पर बाजार में बिकनी पहनाकर घुमाना पसन्द करेगा ?

बलात्कार की शिकार अक्सर कोन होती है

बुर्के वाली या बिकनी वाली ?

In Urdu

آج کل یہ سوال عام سا ہو گیا ہے،

وےسے تو پردے دنیا کے ہر مذہب میں اے، لیکن کچھ جدید، ملحد اور خود کو آزاد کہلانے والے ادھرميو کیلئے ہر بات کو مان نے کے لئے سائنس کی دلیل ہی سب سے بڑی ہوتی ہے

جاہل لوگ بغیر اسلام کو پڑھے اور سمجھیں اسلام پر اس طرح کے بیہودہ الزام لگانے سے نہیں چوکتے. حالانکہ اس سے اسلام کو کوئی فرق نہیں پڑتا کیونکہ اسلام کا ہر قانون ہر معیار (criterion) پر کھل اترتا ہیں

پھر بھی ان بے تکے سوالات کا جواب دینے ضروری ہیں تاکہ حقیقت سب کے سامنے آ سکیں.

پہلی بات تو یہ سمجھ لے کی اسلام میں پردے کا حکم صرف عورتوں کے لیے ہی نہیں بلکہ مردوں کے لئے بھی ہیں.

جیسا کہ قرآن اے پاک میں لکھا ہے قرآن کی اس آیت کے ذریعے اللہ (خدا) مسلمان مردوں کو یہ حکم دے رہا ہے کہ

“وہ اپنی نظریں نیچی رکھے اور اپنی شرمگاهو (جسم کے خاص اعضاء) کی حفاظت کریں کیونکہ اسی میں ان کی بھلائی ہے.”

یہاں نظریں نیچی رکھنے کا تعلق (تعلق) پردے ہی ہیں پر کچھ لوگوں کے ذہنوں میں یہ سوال اٹھ سکتا ہیں کہ نظریں نیچی رکھنے سے پردہ کیسے ہوا؟

تو آئیے اس سوال کا جواب ہم # وجنان_سے_هي_پوچھ_لےتے_هے کیونکہ ہو سکتا ہیں کہ اسلام کی منطق (logics) کو کچھ لوگ كبل نہ کرے …

امریکہ کی ایک مشہور Anthropologist (انسانی اشتھانی) جس کا نام #Helen_Fisher ہیں گزشتہ 30 سالوں سے Rutger University، America میں Anthropology (انسانی سائنس) کی professor ہیں اور Human Behaviour (انسانی رویے) پر ریسرچ کر رہی ہیں اور اس موضوع پر کئی کتابیں بھی لکھ چکی ہیں. اس نے اپنے ریسرچ سے بتایا کہ انسان کے جسم میں کچھ ہارمون (hormones) ہوتے ہیں جیسے #Testosterone اور #Estrogens اور دماغ میں کچھ neurotransmitters (کیمیکل) ہوتے ہیں جیسے Dopamine اور Serotonin اور یہ قدرتی طور سے ہی # اورتو_كي_تلنا_مے_مردو_مے_جيادا_ماترا میں پائے جاتے ہیں جو کسی بھی شخص کے رویے کو براہ راست طور پر متاثر کرتے ہیں. اور وہ کہتی ہیں کہ

# جب_بھي_كسي_مرد_كي_نجر_كسي_ورت_پر_پڑتي_هے تو یہ ہارمون اور کیمیکل active (فعال) ہو جاتے ہیں اور پھر مرد اس عورت کو دیکھ کر حوصلہ افزائی ہو جاتا ہیں.

اور ایسا اس وقت ہوتی ہیں جب یا تو عورت اتنی خوبصورت (Charming) ہو یا اس کا جسم کی ساخت دکھائی دیتی ہو.

اور

ایسا صرف انسانو میں ہی نہیں بلکہ پرندوں اور جانوروں میں بھی ہوتا ہیں. آپ نے سنا بھی ہوگا اور دیکھا بھی ہوگا کہ جب کوئی # هاتھي_پاگل ہو جاتا ہے تو وہ تباہی مچانے لگ جاتا ہیں.

لیکن سائنس کہتا ہے کہ وہ ہاتھی پاگل نہیں ہوتا ہے وہ تو ایسا اس کرتا ہے کیونکہ اس میں Testosterone کی مقدار بہت بڑھ جاتی ہیں.

اسی طرح ایک شعر دوسرے شیروں کے بچوں کو مار دیتا ہے تاکہ شیرنی اس کی طرف (Mating) کے لئے اپنی طرف متوجہ ہو جائے.

اور تمام قسم کے # نر_جانور ہی عورت کو حاصل کرنے کے لئے ایک دوسرے سے مقابلہ کرتے ہیں.

John Hopkins University کے سائنسدانوں نے پرندوں کے رویے پر تحقیق کیا اور معلوم کیا کہ مرد پرندوں گانا گاتے ہیں مطلب مختلف طرح کی آوازیں نکالتے ہیں تاکہ وہ عورت پرندوں کو اپنی طرف متوجہ کر سکیں. تو سائنس کے مطابق عورتوں (ماداو) کے جسم اور خوبصورتی کو دیکھ کر مرد (مرد) حوصلہ افزائی ہو جاتے ہیں.

اور انسان سے لگا کر تمام جنورو تک میں یہ سب نیچرل اے، یعنی یہ سب سائنس سے ثابت ہے

انسانی معاشرے میں اگر مردوں کو عورتوں کی طرف متوجہ ہونے سے روکنا ہے تو عورتیں اپنی خوبصورتی اور جسم کو پردے میں رکھیں اور مرد بھی عورتوں کو نہ گھرے یعنی نجرے نیچی رکھے.

تو قرآن میں اللہ (خدا) نے ہمیں یہی تو حکم دیا ہیں کہ مسلمان عورتیں اپنے آپ کو پردے میں رکھے اور مسلمان مرد اپنی نظریں نیچی رکھے مطلب عورت کو نہ گھرے.

تو یہ ثابت ہو گیا کہ اسلام نے صرف عورتوں کو ہی نہیں بلکہ مردوں کو بھی پردہ کرنے کا حکم دیا ہے اور اسی میں انسانو کی بھلائی ہیں.

خود قدرت کی اتنی کھلی نشانیوں کے باوجود بھی اگر کوئی اپنی اورتو کو آزاد، جدید یا ملحد کے نام پر نگا رکھنا پسند کرتا ہو، تو یہ اس کا ٹھركپن اے، نہ کی آزادی.

پردے پر اوںگلی اٹھانے والا شكش بھی جواب ضرور دے،

کیا وہ اپنی ماں، اپنی بہن اور اپنی بیوی کو آزادی کے نام پر مارکیٹ میں بکنی پہناکر گھمانا پسند کرے گا؟

عصمت دری کی شکار اکثر شنک ہوتی ہے

برقع والی یا بکنی والی؟


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Author: Ultimate Farhan

Adviser,writer,professional gamer,Editor

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