उँगलियाँ

सख़्त हाथों से भी छूट जाती हैं कभी कभी उँगलियाँ,

रिश्ते ज़ोर से नही तमीज़ से थामने चाहिए..

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दुनिया(دنیا)

​दुनिया बदलनी है तो घर से निकलना होगा

कहीं पहुँचने के लिए कहीं से तो चलना होगा..

In Urdu 

دنیا بدلنی ہے تو گھر سے نکلنا ہوگا

کہیں پہنچنے کے لئے کہیں سے تو چل جائے گا ..

गिरवी(گروی)

​_”क्या बेचकर हम खरीदे ऐ जिंदगी,_*

*_सब कुछ तो “गिरवी”पड़ा है जिम्मेदारी के बजार में*

  In Urdu

_ “کیا بیچ کر ہم خریدے اے زندگی، _ *
* _سب کچھ تو “گروی” پڑا ہے ذمہ داری کے بازار میں *