पीरियड्स क्या है 

सबसे पहले आम भाषा में ये समझें, पीरियड्स क्या है और क्यों है।

जब लड़की माँ के गर्भ में होती है, तभी अंडाणु(ovum/ova) बन जाते हैं। करीब 20 लाख अंडाणु बनते हैं पर लड़की के जन्म लेने के समय ये घटकर 5 लाख के करीब रह जाते हैं। ये ovaries में पड़े रहते हैं, जब तक कि लड़की puberty hit नहीं करती। सामान्यतः 12-14 साल की उम्र में,(9-16 कभी कभी) इनमें से एक ovum के mature होने की शुरुआत होती है। मतलब शरीर गर्भधारण के लिए खुद को तैयार करना शुरू करता है। 

Ovary में एक अंडाणु परिपक्व होता है, झिल्ली से फूटकर बाहर आता है और फेलोपियन ट्यूब के रास्ते गर्भाशय में पहुंचता है। फेलोपियन ट्यूब में 24 घण्टे रुककर स्पर्म का इंतज़ार करता है।(आपके अगले पीरियड से 14 दिन पहले, सामान्यतः 12-16 दिन के बीच)

जिस तरह हम घर में नए मेहमान की तैयारी करते हैं, हमारा गर्भाशय भी बच्चे के लिए तैयारी करता है। नर्म आरामदायक बिस्तर के रूप में खुद को परिवर्तित करता है। इसमें सॉफ्ट टिशूज़, रक्त वाहिनियां, पोषण के ज़रूरी सब साधन होते हैं। अगर अंडाणु शुक्राणु/sperm से निषेचित हो गया, तो गर्भावस्था शुरू हो जाती है, पर 24 घण्टे में नहीं हो पाया, तो ovum सिकुड़ने लगता है और नष्ट हो जाता है। इसके साथ ही बिस्तर भी टूट जाता है,कमरे के अंदर की दीवार भी उखड़ जाती है( inner lining of uterus/endometrium) और गर्भाशयमुख(cervix) से बाहर आ जाती है। हर महीने यह प्रकिया चलती है जब तक कि प्रेग्नेंसी(टेम्पररी) या मेनोपॉज़(परमानेंट) न हो जाए।

इसे ही पीरियड्स आना कहते हैं। यह पूरी प्रकिया हॉर्मोन्स से संचालित होती है। सामान्यतः 28-32 दिन के बीच होती है। पर 22 दिन से पहले या 35 दिन के बाद आ रहे हैं, तो ये समस्या के लक्षण हैं। जिनका निदान ज़रूरी है।

जारी………..

#पीरियड्सज्ञान

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